Google search console में links क्या है - ldkalink
Google search console links kya hai: आज हम गूगल सर्च कंसोल के अंदर एक ऐसे टूल के बारे में बात करने वाले हैं जिसका नाम लिंक्स है और यह हमें किस तरह की जानकारी प्रोवाइड करता है इसके बारे में विस्तार से जाने वाले है।
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं, कि google search console के डैशबोर्ड में आखिर यह links ऑप्शन कहां पर दिखाई देता है और यह क्या होता है किस तरह से यह काम (work) करता है इन सब के बारे में जानने वाले है।
जैसे ही हम गूगल सर्च कंसोल में लॉगिंग होते हैं तो इसके डैशबोर्ड में आते ही लेफ्ट मेनू में, नीचे की ओर आपको एक ऑप्शन लिंक्स का देखने को मिलता है।
यह हमारे वेबसाइट के लिए वैल्युएबल इनसाइट्स प्रोवाइड करता है इनबॉउंडेड और आउटबांडेड लिंक्स के जरिये, जैसे ही हम लिंक्स पर क्लिक करते हैं हमें दो तरह के लिंक ऑप्शन दिखाई देता हैं।
- Internal links
- External links
अब इंटरनल लिंक और एक्सटर्नल लिंक्स गूगल सर्च कंट्रोल में किस तरह के डाटा को शो करता है इसके बारे में अभी हम विस्तार से जानेंगे।
1. Inbound links (internal links):
- इस लिंक की सहायता से हम अपने ब्लॉग के एक वेब पेज को अपने ही साइट के कई सारे वेब पेजेज से लिंक कर सकते हैं, इनबॉउंड लिंक एक तरह से हमारे वेबसाइट के नेविगेशन को हमेशा इंप्रूव करने का काम करता है।
- जब हम अपने वेबसाइट पर इंटरनल लिंक का उपयोग करते हैं तो इससे सर्च इंजन को हमारे वेबसाइट के अंदर स्थित कंटेंट के बीच कनेक्शन को समझने में काफी हेल्प मिलती है जिससे कि वह हमारे कांटेक्ट को अच्छे तरह से समझ कर रैंक करा पाता है।
- यदि आपने नोटिस किया होगा कि जिस आर्टिकल को अभी आप www.ldkalink.com पर पढ़ रहे हैं इसमें भी कई तरह के इंटरनल लिंक ऐड है जो आपके क्लिक करने पर यह इस साइट के दूसरे पेज पर ले जाता है, यदि आप इंटरनल लिंक के बारे में और अधिक जानकारी चाहते हैं तो इंटरनल लिंक क्या है इसे जरूर पढ़ें।
2. Outbound links (external links):
- यह एक ऐसे लिंक होते हैं जो हमारे वेबसाइट से किसी दूसरे वेबसाइट पर ले जाने का काम करता है, जब आप एक्सटर्नल लिंक्स का उपयोग अपने साइट पर करते हैं तो यह आपकी क्रेडिबिलिटी को बढ़ाने का काम करती है और आपकी वेबसाइट को नीच-स्पेसिफिक और अथॉरिटी कंटेंट से कनेक्ट करने में हेल्प करती है
- आपको इस साइट पर भी ऐसे कई सारे एक्सटर्नल लिंक मिलेंगे जो आपको दूसरे वेबसाइट पर ले जाते हैं जो कंटेंट के बीच बीच में जरूरत पढ़ने पर ऐड किया गया होता है।
यह दोनों ही इनफॉरमेशन SEO (सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन) के नजरिया से एक महत्वपूर्ण इंपॉर्टेंट रोल प्ले करता है।
जब आप अपने वेबसाइट के अंदर आर्टिकल्स लिखते समय जरूरत पड़ने पर अपने साइट के किसी दूसरे पेज से लिंक्स (inbound links) या फिर अपने साइट से किसी दूसरे साइट को लिंक (outbound links) ऐड करते है।
तो इससे सर्च इंजन को पता चलता है कि आपकी वेबसाइट कितनी अच्छी वेबसाइट से जुड़े हुए हैं जब हम इन लिंक्स का उपयोग करते है तो यह सर्च इंजन रैंकिंग और ओवर ऑल विजिबिलिटी को बहुत ज्यादा प्रभावित करता है।
एक्सटर्नल लिंक्स और इंटरनल लिंक के नीचे आपको Top linked pages में लिंक्स के नाम और उसकी संख्या दोनों दिखाया जाता है।
जिस भी लिंक के साइड में जितनी संख्या दिखाई जाती है वह उसकी संख्या को बताता है जैसे इंटरनल लिंक के किसी लिंक के साइड में यदि 200 दिख रहा है इसका मतलब वह लिंक 200 बार अपने ही साइट की किसी दूसरे वेब पेजेज से लिंक्ड है अब जैसे ही आप इस पर क्लिक करते है तो आपको 200 पेजेज के लिंक्स आपको दिखा दिया जाता है की वो पेजेज कौन कौन से है।
