Best Tally Class ज्वाइन करने से पहले Students को किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए
Best tally class in Rajnandgaon: आज के इस आर्टिकल में हम जानने वाले हैं कि एक स्टूडेंट को Best Tally course ज्वाइन करने से पहले किन-किन बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
ताकि वह सही जगह पर अपने Tally Prime या Tally ERP. 9 Training को ज्वाइन कर पाए, एक स्टूडेंट के लिए आज के समय में एक Tally course एक इन्वेस्टमेंट की तरह हो सकता है इसलिए जब भी कोई स्टूडेंट tally class में admission के बारे में सोचे तो एडमिशन लेने के पहले उसे कुछ जरूरी बातों को विशेष ध्यान रखना चाहिए।
कहा जाता है कि एक सही डिसीजन किसी भी स्टूडेंट के करियर को सही दिशा में ले जाने में उसकी काफी मदद करती है।
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| Best Tally Classes Rajnandgaon |
Best Tally course का चयन कैसे करे
आज हम उन सारे टॉपिक को कवर करेंगे जो एक स्टूडेंट को टैली क्लास ज्वाइन करने से पहले उनको पता होना चाहिए।
1. लेटेस्ट सॉफ्टवेयर पर काम का सिखाया जाना:
टैली क्लास ज्वाइन करने से पहले आपको उनके बारे में थोड़ा सा नॉलेज जरूर होना चाहिए कि जिस इंस्टिट्यूट में आप एडमिशन लेना चाहते हैं टैली का लेटेस्ट वर्जन सिखाया जा रहा है या नहीं।
बहुत सारे इंस्टिट्यूट में आज भी टैली का पुराना वर्जन टैली ईआरपी 9 सिखाया जाता है आज के समय में अगर देखा जाए तो ज्यादातर बिजनेस जो टैली ईआरपी 9 पर काम कर रहा था वह अब टैली प्राइम पर शिफ्ट होते जा रहे हैं ।
इसलिए टैली क्लास ज्वाइन करने से पहले आपको टैली के नए वर्जन के बारे में पता होना चाहिए जिससे कि आप आने वाले समय में इस पर अच्छे से काम कर सके हैं।
2. फैकल्टी का एक्सपीरियंस के बारे में जानना:
आज के समय में टैली पर काम करना अर्थात अकाउंटिंग सिर्फ एक सॉफ्टवेयर चलाना नहीं रह गया है बल्कि उसके रूल्स को समझना भी काफी महत्वपूर्ण होता है जो एक टीचर के द्वारा समझाया जाता है।
चलिए कुछ मुख्य बिंदुओं पर फोकस डालते हैं जैसे कि हमें टैली के बारे में कुछ बेसिक नॉलेज मिल सके।
- मैन्युअल अकाउंटिंग जिसके अंतर्गत डेबिट, क्रेडिट की अच्छी समझ एक टीचर को होनी चाहिए ताकि स्टूडेंट भी किसी चीज को बारीकी से अच्छे से समझ सके और अपने काम को अच्छे से परफॉर्म कर सके।
- आप जिस इंस्टिट्यूट में क्लास ज्वाइन करने के बारे में सोच रहे हैं वहां रियल वर्ल्ड अकाउंटिंग और जीएसटी का प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस होना जरूरी है ताकि एक स्टूडेंट को समझाने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत ना आए।
- जिस टैली क्लास में आप ज्वाइन करना चाहते हैं वहां का कंप्यूटर ऑपरेटर केवल एक ऑपरेटर की तरह ही नहीं बल्कि एक अकाउंटेंट के नजरिए से सिखाने वाला होना चाहिए।
3. प्रैक्टिकल vs थ्योरी पर ध्यान देना
जब आप अकाउंटिंग सीखने की बात करते हैं तो यहां पर आपको पता होना चाहिए की अकाउंटिंग किताबों से नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल टैली पर एंट्रीज करने से सीखी जाती है क्या वहां प्रैक्टिकल डाटा प्रोवाइड करके सिखाया जाता है या नहीं, इसके बारे में पता करना आपके लिए महत्वपूर्ण बातों में से एक है।
- आप अपने इंस्टिट्यूट में पता करें कि आपके द्वारा किस तरह का क्लास लिया जाता है सिर्फ थ्योरी पढ़ाया जाएगा या फिर प्रैक्टिकल एंट्री कर स्टूडेंट्स को सिखाया जाता है।
- यह भी पता करें कि वहां रियल बिजनेस डाटा जैसे की असली बिल या बैंक स्टेटमेंट पर प्रैक्टिकल एंट्री करके सिखाया जाता है या नहीं ।
- केवल असाइनमेंट सॉल्व करना काफी नहीं होता है सही ट्रांजैक्शंस को हैंडल करना आना चाहिए और इसके लिए प्रैक्टिकल डाटा का होना बहुत जरूरी है ताकि हम आगे चलकर कॉन्फिडेंस के साथ अपने काम को अच्छे तरीके से कर सके।
4. जीएसटी और टैक्सेशन का नॉलेज होना:
आज के समय में जीएसटी के बिना टैली सीखना अधूरा काम हो सकता है पता करें कि जो कोर्स आप करना चाहते हैं इसमें GST Course शामिल है या नहीं।
- सीएसटी, एसजीएसटी, आईजीएसटी का कैलकुलेशन करने आना चाहिए
- जीएसटी R1, 3b और जीएसटी रिटर्न की समझ होना चाहिए।
- टीडीएस और ई-वे बिल जेनरेशन का नॉलेज होना।
5. इन्वेंटरी और एडवांस्ड मॉडल
बिजनेस सिर्फ पैसों का लेनदेन तक ही सीमित नहीं होता है उसमें माल यानी कि इन्वेंटरी भी होता है यदि आपके इंस्टिट्यूट में यह सब टॉपिक सिखाए जाते हैं तो यह आपके लिए बहुत अच्छी बात होती है।
- स्टॉक मैनेजमेंट: गोडाउन मैनेजमेंट, बैच वाइज डीटेल्स इन सब के बारे में बताया जाना।
- मैन्युफैक्चरिंग: बिल ऑफ मटेरियल (बीओ एम) और प्रोडक्शन एंट्री की जानकारी देना
- पेरोल: कंपनी में काम करने वाले एम्पलाई की सैलरी और अटेंडेंस मैनेज कैसे करते हैं का सिखाया जाना।
6. कोर्स सर्टिफिकेट और वैलिडिटी:
जब आप अपना टैली का कोर्स पूरा कर लेते हैं तो उसके बाद मिलने वाला सर्टिफिकेट कितना वैलिड है इसके बारे में पूछना
- क्या आपके द्वारा दिया गया सर्टिफिकेट इंटरव्यू में काम आ सकता है।
- क्या इंस्टिट्यूट जॉब दिलाने या प्लेसमेंट में स्टूडेंट की मदद करता है।
7. डेमो क्लास की सुविधा का होना:
जिस भी इंस्टिट्यूट में आप टैली का क्लास ज्वाइन करना चाहते हैं क्या वहां डेमो क्लास की सुविधा है ।
यदि डेमो क्लास की सुविधा होती है तो इससे हमें यह पता चल जाता है कि जिस भी टीचर द्वारा हमें टैली क्लास लिया जाएगा उसके समझाने का तरीका कैसा हैं और हम कितना अच्छे से समझ पा रहे हैं वहां का माहौल कैसा है।
जब भी आप क्लास ज्वाइन करने का सोचे तो आप कम फीस देखकर नहीं, बल्कि क्वालिटी एजुकेशन देखकर जैसे की "Best Tally course in Rajnandgaon" का चयन करें ताकि सही दिशा आपके करियर को आगे बढ़ाने में आपकी बहुत मदद करती है।
टैली में आप तभी सही तरीके से तब काम कर पाते हैं जब आपको क्रेडिट और डेबिट का पूरा नॉलेज होता है यदि आपने अभी तक क्रेडिट और डेबिट को नहीं समझा है तो आप टैली पर काम नहीं कर पाएंगे।
अब यदि आप क्रेडिट और डिबेट को अच्छे से समझना चाहते हैं तो नीचे आपको क्रेडिट और डेबिट के बारे में Rajnandgaon के utkarsh classes द्वारा Tally Class के इस आर्टिकल में विस्तार से समझाया गया है आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके इसे कई तरह के उदाहरण से बड़ी ही आसानी से अपने शब्दों में समझ सकते हैं।
- Tally में क्रेडिट और डेबिट क्या होता है विस्तार से जाने
